सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायत की बोलती बंद कर दी है। सख्त रवैये में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खाप पंचायत या कोई भी हो अगर दो बालिग शादी करने का फैसला करते हैं, तो उन्हें रोकने का हक किसी को नहीं है। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और याचिकाकर्ताओं से उपाय मांगे हैं जिससे ऐसे बालिग विवाहितों की सुरक्षा हो सके। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को एेसे बालिग विवाहितों के सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपी है।
खाप पंचायत की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी शादी को कानूनी या गैरकानूनी ठहराने पर फैसला सिर्फ कोर्ट कर सकती है। खाप इससे दूर ही रहे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 फरवरी की तारीख तय की है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि प्रेम विवाह करने वालों के खिलाफ खाप के फरमान पूरी तरह से गैरकानूनी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही केंद्र सरकार से कहा है कि खाप पंचायतों को प्रतिबंधित किया जाए।