अनवर चौहान
ओसामा बिन लादेन को ढेर करने के पीछे जिस खास आदमी का नाम जुड़ा है वह पाकिस्‍तान का ही रहने वाला है और पेशे से डॉक्‍टर है। इसी आदमी ने एबटाबाद में एक फर्जी टीकाकरण अभियान शुरू किया था और ओसामा के डीएनए के लिए उसका
खून का सैंपल पाने में कामयाब रहा था। इस श्‍ख्‍स का नाम डॉक्‍टर शकील अफरीदी है। ओसामा की मौत के बाद से ही पाकिस्‍तान सरकार ने इसे गिरफ्तार कर जेल में डाल रखा है। ओसामा के खात्‍मे के बाद अफरीदी को तोरखम बोर्डर पर देश  छोड़कर भागने की कोशिश करते पकड़ा गया था। 23 मई 2012 को उसे देशद्रोह के आरोप में 33 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। इस आदेश के खिलाफ अफरीदी ने ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया जहां 29 अगस्‍त 2013 को इस मामले की  दोबारा जांच करवाने का फरमान सुनाया गया। इसके बाद इसी वर्ष सरकार की तरफ से अफरीदी पर अपने मरीज की हत्‍या का एक मुकदमा दायर कर दिया गया।
अमेरिका के लिए वर्ष 2011 तक आतंक का पर्याय बने ओसामा बिन लादेन को मरे हुए भले ही आज सात वर्ष बीत चुके हैं,  लेकिन अलकायदा का खौफ आज भी कम नहीं हुआ है। मौजूदा समय में लादेन का बेटा इस संगठन का अहम सदस्‍य है। इसका नाम है हमजा बिन लादेन, जिसे अमेरिका ने वैश्विक आतंकी घोषित कर रखा है। 2 मई 2011 को अमेरिकी मरीन  कमांडो ने ओसामा बिन लादेन को पाकिस्‍तान के एबटाबाद स्थित एक घर में घुसकर ढेर किया था। लेकिन क्‍या आपको पता है कि जिस ओसामा की तलाश वर्षों से अमेरिका अफगानिस्‍तान में कर रहा था, उसके एबटाबाद में होने की खबर उसे किसने  दी थी। क्‍या आप यह जानते हैं कि वह शख्‍स आखिर आज कहां है और किस हाल में है। यदि नहीं पता है तो चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।