अनवर चौहान
नई दिल्ली. पत्थरबाज़ को जीप से बांधना बड़ा भारी पड़ गया। उन लोगों के मुंह भी काले हो गए जिन्होंने जीप से बांधे जाने की हिमायत में क़सीदे पढ़े थे। जम्मू-कश्मीर स्टेट ह्यूमन राइट्स कमीशन ने राज्य सरकार से कहा है कि वो उस सिविलियन को 10 लाख रुपए मुआवजा दे जिसे आर्मी ने पत्थरबाजी के जुर्म में जीप के आगे बांधा था। कमीशन की तरफ से सोमवार दोपहर जारी स्टेटमेंट में इस शख्स को ह्यूमन शील्ड (मानव ढाल) कहा गया है। बता दें कि ये घटना 9 अप्रैल को हुई थी। आर्मी चीफ ने शख्स को जीप से बांधने का फैसला लेने वाले मेजर लीतुल गोगोई को अवॉर्ड भी दिया था। क्या है मामला...कश्मीर के बीड़वाह में 9 अप्रैल को इलेक्शन के दौरान जब हालात बेकाबू हो गए तो कर्नल रैंक के एक अफसर को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी के चलते मेजर गोगोई ने कश्मीरी शख्स को जीप से बांधा और ह्यूमन शील्ड के तौर पर इस्तेमाल किया। उमर ने ट्वीट की थी फोटो पूर्व सीएम उमर अबदुल्ला ने कश्मीरी शख्स को जीप से बांधने की फोटो और वीडियो को ट्वीट किया था। इसके बाद मुद्दा गरमाया। 15 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 53 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उमर ने लिखा था, ``इस नौजवान को जीप के आगे बांधा गया, ताकि कोई आर्मी पर पथराव न कर सके। ये हैरान करने वाला है।`` बुकर प्राइज विनर राइटर अरुंधति रॉय ने कहा था, "भारत 7 लाख क्या, अगर 70 लाख फौजी भी कश्मीर में तैनात कर देता है तो भी कश्मीरियों की आवाज नहीं दबाया जा सकता।" परेश ने दिया था अरुंधति को जवाब बीजेपी सांसद और एक्टर परेश रावल ने अरुंधती के बयान के बाद ट्वीट में कहा था- कश्मीर में पत्थरबाज को आर्मी की जीप के आगे बांधने से बेहतर है कि अरुंधति रॉय को इसके आगे बांधा जाए। इस ट्वीट को 14 घंटे में 3 हजार बार से ज्यादा री-ट्वीट किया गया था।
कश्मीर में पत्थरबाज को जीप के बोनट से बांधने वाले मेजर लीतुल गोगोई को आर्मी चीफ ने अवॉर्ड (प्रशस्ति पत्र) दिया था। गोगोई ने ही श्रीनगर में बाईपोल कराने गई टीम को बचाने के लिए एक पत्थरबाज को पकड़कर काफिले की जीप के बोनट से बांधने का ऑर्डर दिया था। आर्मी के स्पोक्सपर्सन कर्नल अमन आनंद ने तब कहा था, ``मेजर गोगोई की कार्रवाई को आर्मी ने हिंसक गतिविधियों से निपटने के लिए कारगर कार्रवाई माना है। उन्हें आर्मी चीफ विपिन रावत का प्रशस्ति पत्र दिया गया।`` इसे ड्यूटी के दौरान डिवोटेशन और बेहतर सर्विस के लिए प्रतिष्ठित अवॉर्ड के तौर पर देखा जाता है। तीनों सेनाओं के चीफ की ओर से बैज प्रदान किए जाते हैं।